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Avneet Kaur Sex Story in Hindi Part 1 – Avneet Fuck Director

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अवनीत कौर की कहानी उसकी मासूमियत से शुरू हुई थी, लेकिन अब वो एक ऐसी दुनिया में फंस चुकी थी जहां सफलता की कीमत उसके बदन से चुकानी पड़ती थी। 2020 में, 19 साल की उम्र में, अवनीत ने अपना शरीर पूरी तरह बदल लिया था। हर महीने हार्मोन इंजेक्शन, सिलिकॉन इम्प्लांट्स, और पिल्स जो उसके स्तनों को भरा-भरा, गांड को गोल-मटोल और होंठों को मोटा बनातीं। उसका फिगर अब 34-24-38 का था—एकदम पोर्नस्टार जैसा। इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स बढ़ रहे थे, लेकिन असली ब्रेक चाहिए था। और वो ब्रेक मिला प्रोड्यूसर राजीव खन्ना से। राजीव इंडस्ट्री का बड़ा नाम था—पैसे वाला, पावर वाला, और औरतों को इस्तेमाल करने वाला। उसने अवनीत को अपने बंगले पर बुलाया। “रोल चाहिए तो आज रात देनी पड़ेगी,” उसने फोन पर कहा। अवनीत जानती थी क्या मतलब है, लेकिन उसके पास चॉइस नहीं थी। वो तैयार होकर गई—एक टाइट रेड ड्रेस में, नीचे कुछ नहीं।

राजीव का बंगला मुंबई के जुहू बीच पर था, जहां रात की हवा में समंदर की महक थी, लेकिन अंदर का माहौल गर्म और घुटन भरा। दरवाजा खुलते ही राजीव ने अवनीत को अंदर खींच लिया। वो लगभग 45 साल का था, लेकिन जिम बॉडी, काले बाल, और आंखों में वो भूख जो अवनीत को सहमा देती। “आ गई मेरी नई हीरोइन,” राजीव ने मुस्कुराते हुए कहा, और उसके कंधे पर हाथ रख दिया। अवनीत की सांस तेज हो गई, लेकिन वो मुस्कुराई। राजीव ने उसे बेडरूम में ले जाकर दरवाजा लॉक किया। कमरा बड़ा था—बड़ी वाली किंग साइज बेड, मिरर वाली छत, और कोनों में कैमरे। “ये सब रिकॉर्ड होगा,” राजीव ने कहा, “मेरा कलेक्शन है।” अवनीत की धड़कनें तेज हो गईं, लेकिन वो चुप रही। राजीव ने उसे दीवार से सटा दिया और किस करना शुरू कर दिया—जोरदार, रफ किस। उसके होंठ अवनीत के होंठों को चूस रहे थे, जीभ अंदर डालकर घुमा रहे थे। अवनीत की सांस रुक रही थी, लेकिन वो भी साथ दे रही थी, क्योंकि वो जानती थी कि मना करना मतलब करियर खत्म।

राजीव ने एक झटके में अवनीत की ड्रेस ऊपर खींची और फाड़ दी। अब वो पूरी नंगी थी—उसके गोरे-गोरे स्तन, जिनमें सिलिकॉन की वजह से एकदम उभरे हुए थे, गुलाबी निप्पल्स सख्त हो चुके थे। राजीव की आंखें चमक उठीं। “वाह, क्या माल बनाई है तूने खुद को,” उसने कहा और दोनों हाथों से उसके स्तनों को जोर से दबाया। अवनीत की सिसकारी निकली—”आह्ह… सर… धीरे…” लेकिन राजीव ने और जोर से मसला, निप्पल्स को उंगलियों से मरोड़ा। दर्द हो रहा था, लेकिन साथ में एक अजीब सी उत्तेजना भी। राजीव ने उसे बेड पर धकेल दिया और उसके ऊपर चढ़ गया। उसने अपना शर्ट उतारा—उसका चौड़ा सीना, बालों वाला, और नीचे पैंट में उभरा हुआ तना हुआ लंड। अवनीत की नजर वहां गई, और वो घबरा गई। राजीव ने हंसकर कहा, “डर मत, आज तुझे असली मर्द दिखाता हूं।” उसने अवनीत के हाथ ऊपर करके बेड के हेडबोर्ड से बांध दिए—एक सिल्क रस्सी से। अब अवनीत पूरी तरह उसके रहम पर थी। राजीव ने उसके पैर फैलाए और घुटनों पर बैठ गया। उसकी चूत साफ शेव्ड थी, पहले से ही थोड़ी गीली हो चुकी थी—उत्तेजना और डर की मिली-जुली वजह से। राजीव ने उंगली से उसकी क्लिट को सहलाया, धीरे-धीरे रगड़ा। अवनीत की आंखें बंद हो गईं, वो सिहर उठी—”उम्म… सर…” राजीव ने दो उंगलियां अंदर डालीं, तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। अवनीत की कमर उछलने लगी, उसकी सांसें तेज—”आह्ह… हां… और…” लेकिन राजीव रुक गया, हंसा—”अभी तो शुरुआत है, रंडी।”

अब राजीव ने अपना पैंट उतारा। उसका लंड बाहर आया—मोटा, लंबा, लगभग 8 इंच, नसें फूली हुईं। अवनीत की आंखें फैल गईं—”इतना बड़ा…” राजीव ने उसके मुंह के पास लाकर रगड़ा—”चूस इसे।” अवनीत ने मुंह खोला, लेकिन राजीव ने जोर से गले तक ठोंक दिया। अवनीत गैग हो गई, आंसू आ गए, लेकिन राजीव ने बाल पकड़कर अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। दस मिनट तक मुंह चोदा—लार टपक रही थी, अवनीत की सांस रुक रही थी। “अच्छी तरह चूस, साली,” राजीव गरजा। अवनीत ने जीभ से चाटा, चूसा, लेकिन राजीव और रफ हो गया। फिर उसने लंड बाहर निकाला और अवनीत की चूत पर रखा। “अब असली मजा,” उसने कहा और एक झटके में आधा लंड अंदर पेल दिया। अवनीत चीख पड़ी—”आआआह्ह… सर… दर्द हो रहा है… निकालो…” लेकिन राजीव ने और जोर से धक्का मारा, पूरा लंड अंदर। अवनीत का बदन कांप गया, दर्द इतना तेज कि आंसू बहने लगे। राजीव ने धक्के मारने शुरू किए—धीरे से शुरू, फिर तेज। हर धक्का इतना गहरा कि अवनीत की चूत में जलन हो रही थी। “कितनी टाइट है तेरी चूत… इंजेक्शन से भी नहीं ढीली हुई,” राजीव हांफते हुए बोला। अवनीत की कमर खुद-ब-खुद ऊपर उठ रही थी, दर्द अब मजा में बदल रहा था—”आह्ह… सर… और तेज… चोदो मुझे…” राजीव ने स्पीड बढ़ा दी, थप-थप-थप की आवाजें गूंज रही थीं। वो उसके स्तनों को चूस रहा था, काट रहा था, निशान छोड़ रहा था। अवनीत की आंखें बंद, मुंह खुला, सिसकारियां निकल रही थीं—”हाय… मैं मर जाऊंगी… इतना मजा…”

राजीव ने पोजीशन बदली। अवनीत को उल्टा किया, गांड ऊपर करके घुटनों पर खड़ा किया। उसके हाथ अभी भी बंधे थे। राजीव ने थूक लगाया और लंड उसकी गांड पर रखा। अवनीत घबरा गई—”नहीं सर… वहां नहीं… मैंने कभी नहीं किया…” लेकिन राजीव ने एक जोर का थप्पड़ मारा उसकी गांड पर—”चुप साली, आज सब ट्राई करेगी।” उसने धीरे से टिप डाली, लेकिन फिर एक झटके में आधा अंदर। अवनीत की चीख निकली—”आआआआह्ह… फट जाएगी… प्लीज निकालो…” दर्द असहनीय था, लेकिन राजीव ने पीछे नहीं हटा। धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा, स्पीड बढ़ाई। अवनीत रो रही थी, लेकिन साथ में उसकी चूत से पानी बह रहा था। राजीव ने एक हाथ नीचे करके उसकी क्लिट रगड़ी, तीन उंगलियां चूत में डाल दीं। अब अवनीत का बदन कांप रहा था—दर्द और मजा का तूफान। “बोल… मैं तेरी रंडी हूं,” राजीव ने हुक्म दिया। अवनीत रोते हुए बोली—”हां… मैं तेरी रंडी हूं… चोदो मुझे… गांड मारो…” राजीव ने और तेज किया, गांड में लंड पूरा ठोंक रहा था। पच्च-पच्च की आवाजें, अवनीत की सिसकारियां। बीस मिनट तक ऐसे ही चोदा। अवनीत का क्लाइमैक्स करीब था—”सर… मैं झड़ने वाली हूं… आह्ह…” उसका बदन अकड़ गया, चूत ने पानी छोड़ दिया, गांड सिकुड़ गई।

राजीव ने भी अब कंट्रोल नहीं किया। उसने लंड बाहर निकाला, अवनीत को पलटा, और उसके मुंह में पेल दिया। “निगल ले सब,” उसने कहा और गरम-गरम वीर्य की धारें उसके गले में उड़ेल दीं। अवनीत ने सब निगल लिया, खांसते हुए। राजीव हांफते हुए उसके बगल में लेट गया। लेकिन ये खत्म नहीं हुआ था—तीन घंटे तक चला। राजीव ने फिर से शुरू किया—डॉगी स्टाइल, मिशनरी, काउगर्ल। हर बार और रफ, और ब्रूटल। अवनीत थक चुकी थी, लेकिन हर बार मजा ले रही थी, क्योंकि ये उसकी सफलता की कीमत थी। सुबह जब वो बाहर निकली, उसका बदन दर्द से भरा था, लेकिन जेब में एक वेब सीरीज़ का कॉन्ट्रैक्ट। राजीव ने वीडियो सेव कर लिया था—”अगली बार फिर बुलाऊंगा।” अवनीत मुस्कुराई, क्योंकि वो जानती थी—ये रास्ता लंबा है, लेकिन चमकदार। और हर रात ऐसी ही होगी—उत्तेजना, दर्द, और क्लाइमैक्स का तूफान।

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