भूसी हॉर्नी मुस्लिम बीवी की हिंदू मकानमालिक के साथ वर्जित चुदाई

रानी एक २८ साल की खूबसूरत मुस्लिम औरत थी। उसकी शादी शाहिद से हुई थी, जो दुबई में नौकरी करता था। साल भर से शाहिद घर नहीं आया था, और रानी की चूत रोज रात को तड़पती रहती। उसकी चूचियां ३६डी साइज की भारी-भरकम थीं, गहरी क्लिवेज वाली, जो सलवार सूट में भी उभर आतीं। पतली कमर, मोटी जांघें, रसीली बड़ी गांड, गोरी रंगत वाली स्किन, और लंबे काले बाल जो कमर तक लहराते। वह अक्सर घर पर पतली नाइटि पहनती, जिसमें उसके निप्पल्स साफ दिखते और गांड की शेप उभर आती।

मकान का मालिक राजेश एक ४० साल का हिंदू मर्द था। छाती चौड़ी, बाजू की मसल्स तनी हुईं, और लंड ९ इंच लंबा मोटा। वह विधुर था, और रानी को देखते ही उसका लंड खड़ा हो जाता। हर महीने किराया लेने आता तो रानी के चूचियों पर निगाहें टिक जातीं। रानी भी अब राजेश की मर्दानगी से गीली हो जाती। एक दिन राजेश किराया लेने आया। रानी ने दरवाजा खोला, नाइटि में उसके चूचियां हिल रही थीं, क्लिवेज गहरा।

"किराया दे दो बहन?" राजेश ने कहा, लेकिन आंखें चूचियों पर। रानी शर्मा गई, "अभी लाती हूं भैया।" अंदर जाती तो गांड हिल रही। राजेश का लंड फटने को। वह अंदर घुस गया, "रानी, तुम्हारा पति कब आ रहा?" रानी बोली, "दुबई में है, साल भर हो गया।" राजेश हंस पड़ा, "अकेली हो तो भूख लगती होगी ना?" रानी लजाई, लेकिन चूत गीली। राजेश ने कंधा पर हाथ रखा, "तुम्हारी ये चूचियां… कितनी भरी हुईं।" रानी सिहर गई।

धीरे-धीरे राजेश ने रानी को दीवार से सटा लिया। "रानी, मैं जानता हूं तुम्हारी चूत तड़प रही है। मैं तेरी भूख मिटा दूंगा।" रानी ने मना किया लेकिन आंखों में आग। राजेश ने उसके होंठ चूस लिए। रानी "उफ्फ्फ… नहीं भैया… हराम है…" लेकिन जीभ चूस रही। राजेश ने नाइटि ऊपर सरका दी, चूचियां बाहर। काले निप्पल्स तने हुए। उसने एक चूची मुंह में भरा, जोर से चूसा। "आह्ह्ह… हाय मा… चूसो राजू भैया…" रानी चीखी। राजेश ने दूसरी चूची दबाई, निप्पल काटा। रानी की चूत से रस टपकने लगा।

राजेश ने रानी को बेड पर फेंक दिया। नाइटि फाड़ दी। रानी नंगी लेटी, जांघें फैलाईं। उसकी चूत गीली, गुलाबी, बाल कम। राजेश ने पजामा उतारा, ९ इंच का काला मोटा लंड बाहर। रानी की आंखें फैल गईं, "अल्लाह… इतना बड़ा… मेरा शाहिद का आधा भी नहीं।" राजेश हंसा, "ये तेरी मुस्लिम चूत को फाड़ देगा, रंडी।" उसने रानी के मुंह में लंड ठूंस दिया। रानी गग करने लगी, लेकिन चूसने लगी। "चूस मेरी साली चिनाल, गले तक ले।" राजेश ने बाल पकड़कर मुंह चोदा। चुप-चुप की आवाज। रानी की लार टपक रही।

फिर राजेश ने रानी को उल्टा किया, गांड ऊपर। "ये रसीली गांड…" थप्पड़ मारा – पाक! पाक! पाक! रानी चीखी, "आह्ह्ह… मारो…" राजेश ने जीभ चूत में डाली, चाटा। चुपचुपचुप… रानी "ओह्ह्ह फक… हायyy… चाटो मेरी चूत…" फिर दो उंगलियां डाली, तेज चलाई। रानी झड़ने लगी, "आ गया… आह्ह्ह मााा…" रस छूटा।

राजेश लंड लंडाया चूत पर। "बेग कर रंडी, बोल मेरा हिंदू लंड तेरी चूत में डालो।" रानी गिड़गिड़ाई, "डालो राजू… पेलो मेरी मुस्लिम चूत… हराम चुदाई करो।" एक धक्के में पूरा लंड अंदर। रानी चिल्लाई, "फट गई… उफ्फ्फ… मर गई…" राजेश ने पेलना शुरू। बेड हिल रहा – खटखटखट… चूत से चुपचुप… "ले रंडी… ले मेरे हिंदू लंड की थाली… तेरे अल्लाह को चोद रहा हूं।" रानी "हां… चोदो… zor se… आह्ह्ह…"

मिशनरी में १० मिनट पेला, चूचियां उछल रही, निप्पल्स कड़े। फिर डॉगी स्टाइल। गांड पकड़कर थोका। पाक-पाक थप्पड़। बाल खींचे, गला दबाया। रानी पागल, "चोदो मालिक… तेरी गुलाम हूं…" राजेश ने स्पूनिंग में डाला, जांघें चाटी। फिर रानी को ऊपर बिठाया, चूचियां चूसते हुए नीचे से उछाला। रानी उछल रही, "हायyy… लंड गर्भ तक… प्रेग्नेंट कर दो…"

अंत में राजेश ने रानी को मिशनरी में लिटाया, जोर-जोर धक्के। "आ रहा हूं रंडी… तेरी चूत में हिंदू वीर्य भरूंगा।" रानी "भरो… भरो मालिक… अल्लाह माफ करेगा।" राजेश गरजा, पूरा माल चूत में छोड़ा। रानी भी झड़ी, चूत सिकुड़ रही लंड को दबा रही। दोनों पसीने से तर, रानी की चूचियां लाल, चूत से वीर्य बह रहा।

राजेश बोला, "अब रोज चुदेगी मेरी रंडी। शाहिद आए तो भी चोदूंगा।" रानी मुस्कुराई, "हां मालिक… तेरी चूत हूं।" फिर से किस किया। रानी की जिंदगी बदल गई, हर रात राजेश का लंड उसकी भूख मिटाता। (शब्द संख्या: ११५०)

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