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School Bully Ne Maa Ko Berehmi Se Choda – Mom Forced Sex Story

राहुल नाम का एक लड़का था, जो सातवीं क्लास में पढ़ता था। वो बहुत कमजोर और डरपोक टाइप का था। उसके पापा की मौत कुछ साल पहले हो चुकी थी, इसलिए घर में कोई मर्द नहीं था जो उसे बचाता या सिखाता कि कैसे लड़ना है। स्कूल में चार-पाँच लड़के – अमित, रोहन, विक्की, सूरज और करण – उसे रोजाना बुली करते थे। वो उसे मारते-पीटते, उसकी कॉपीज फाड़ते, और उसका मजाक उड़ाते। राहुल घर आकर रोता, लेकिन कुछ कर नहीं पाता था।

राहुल की मम्मी, सुनीता, एक 35 साल की औरत थी। वो बहुत सेक्सी और हॉट लगती थी – गोरी-चिट्टी स्किन, लंबे काले बाल जो कमर तक लहराते, बड़ी-बड़ी काली आँखें जो हमेशा थोड़ी उदास सी लगतीं। उसका फिगर कमाल का था – 36-28-38 का, बड़े-बड़े मम्मे जो ब्लाउज में से फटने को तैयार रहते, पतली कमर और मोटी, गदराई हुई गांड जो चलते वक्त मटक-मटक कर हिलती थी। वो विधवा थी, लेकिन उसकी जवानी अभी भी पूरी तरह से खिली हुई थी। घर पर वो साड़ी पहनती, जो उसके कर्व्स को और ज्यादा हाइलाइट करती। उसके होंठ गुलाबी और मोटे थे, चेहरा गोल और आकर्षक, जैसे कोई फिल्म की हीरोइन हो।

एक दिन राहुल को स्कूल में बुरी तरह पीटा गया। वो घर आया और मम्मी को सब बता दिया, रोते हुए। सुनीता गुस्से से आग बबूला हो गई और अगले दिन स्कूल चली गई। प्रिंसिपल से शिकायत की। प्रिंसिपल ने उन पाँचों बुलीज को बुलाया और जमकर डाँटा। उन्हें वार्निंग दी कि दोबारा ऐसा किया तो सस्पेंड कर देंगे। बुलीज चुपचाप सुनते रहे, लेकिन उनके दिमाग में बदला लेने की प्लानिंग चल रही थी। अमित ने बाहर आकर बाकियों से कहा, “साली की माँ ने हमारी बेइज्जती करवाई। आज रात इसके घर पर रेड डालेंगे और मजा लेंगे।”

उस रात, जब राहुल और सुनीता घर पर अकेले थे, दरवाजे पर जोर-जोर से खटखटाहट हुई। सुनीता ने डरते हुए दरवाजा खोला तो वो पाँचों लड़के अंदर घुस आए। उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया और राहुल को पकड़ लिया। “साले हरामी, तेरी मम्मी ने हमारी शिकायत की? अब देख तुझे क्या होता है!” अमित ने गुस्से में कहा और राहुल के पेट में मुक्का जड़ दिया। राहुल चीखा, “आआआह्ह्ह… मम्मी बचाओ!” लेकिन रोहन और विक्की ने उसे दीवार से सटाकर घूंसे मारे, सूरज ने लात घुमाई, करण ने उसके सिर पर थप्पड़ जड़े। “मारो साले को, इतना पीटो कि दोबारा शिकायत न करे!” वे चिल्ला रहे थे। राहुल का मुँह से खून निकलने लगा, वो दर्द से कराहते हुए बेहोश हो गया, फर्श पर लथपथ पड़ा रहा।

सुनीता चिल्लाई, “छोड़ो मेरे बेटे को, हरामियों! मैं पुलिस को फोन करती हूँ!” लेकिन अमित ने उसे बालों से पकड़ लिया और घसीटते हुए बेडरूम में ले गया। बाकी लड़के भी पीछे-पीछे आ गए। “चुप रह रांड! तेरी वजह से हमारी इज्जत गई। अब तुझे सजा मिलेगी, और वो भी ऐसी कि याद रखेगी।” अमित ने उसके गाल पर थप्पड़ मारा। सुनीता रोने लगी, “प्लीज… छोड़ दो… मैं किसी को नहीं बताऊँगी… मेरे बेटे को मत मारो।” लेकिन वे हँसने लगे। “अब तू हमारी रांड बनेगी, विधवा साली। देखो भाइयो, कितनी माल है ये! बड़े-बड़े मम्मे, मोटी गांड। आज इसे पहले खेलेंगे, फिर चोदेंगे।”

वे सुनीता को बेड पर धकेल कर घेर लिया। अमित ने सबसे पहले उसकी साड़ी का पल्लू खींचा, जो नीचे गिर गया। सुनीता के बड़े मम्मे ब्लाउज में से उभरे हुए दिख रहे थे। “वाह, क्या चुचे हैं साली के! इतने बड़े और टाइट।” रोहन ने ब्लाउज के ऊपर से ही उसके मम्मों को दबाया, जोर से मसलने लगा। सुनीता दर्द से सिसकारी, “आआह्ह्ह… दर्द हो रहा है… छोड़ो ना… उउउउ…” लेकिन विक्की ने पीछे से उसकी कमर पकड़ी और गांड पर हाथ फेरा। “क्या गदराई हुई गांड है रांड! मोटी और नरम, जैसे मखमल।” वो उसकी गांड को मसलने लगा, उँगलियाँ चुभोते हुए। सुनीता छटपटाई, “नहीं… वहाँ मत छुओ… आआआ… हरामी!”

सूरज ने उसका ब्लाउज फाड़ दिया, हुक टूट गए। अब सुनीता की ब्रा नजर आ रही थी, जिसमें उसके गुलाबी निप्पल्स उभरे हुए थे। “देखो, निप्पल्स कितने सख्त हो गए हैं। साली को मजा आ रहा है।” करण ने ब्रा ऊपर सरका कर उसके एक मम्मे को मुँह में ले लिया, चूसने लगा। “उम्म्म… कितने स्वादिष्ट हैं तेरे चुचे, रांड! दूध निकालूँ क्या?” सुनीता की सिसकारियाँ तेज हो गईं, “ओओओह्ह्ह… बस करो… आह्ह्ह… दांत मत लगाओ… उउउउ…” अमित ने दूसरे मम्मे को मसलते हुए निप्पल को चुटकी में दबाया, खींचा। “चिल्ला साली, तेरी आवाज से लंड खड़ा हो रहा है।” वे सब बारी-बारी उसके मम्मों से खेल रहे थे – चूसते, मसलते, थप्पड़ मारते। सुनीता का शरीर गर्म हो रहा था, लेकिन डर से वो रो रही थी। “प्लीज… मत करो… मैं नीची जात की हूँ, तुम ऊँचे हो… छोड़ दो।” लेकिन अमित हँसा, “साली नीची जात की रांड, हम जैसे लड़कों के लिए बनी है तू। अब तेरी चूत देखें।”

रोहन ने उसकी साड़ी पूरी उतार दी, पेटीकोट का नाड़ा खोला। अब सुनीता सिर्फ पैंटी में थी। विक्की ने पैंटी पर हाथ फेरा, “वाह, चूत गीली हो रही है साली की।” उसने पैंटी नीचे सरका दी। सुनीता की चूत नंगी हो गई – हल्के बालों वाली, गुलाबी और टाइट, जैसे सालों से चुदाई न हुई हो। “कितनी टाइट चूत है रांड! विधवा होकर भी इतनी फ्रेश?” सूरज ने उँगली से उसकी चूत को सहलाया, क्लिट को रगड़ा। सुनीता की कमर उछली, “आआआह्ह्ह… वहाँ मत… ओओओह्ह्ह… दर्द और मजा… उउउउ…” करण ने उसकी जाँघों को चाटा, अंदर की तरफ काटा। “क्या मुलायम जाँघें हैं, जैसे रेशम।” वे सब उसके पूरे शरीर से खेल रहे थे – मम्मे मसलते, गांड दबाते, चूत में उँगली डालते, होंठ चूसते। सुनीता की साँसें तेज हो गईं, “आह्ह्ह… बस… अब छोड़ दो… उफ्फ्फ…”

अब अमित नहीं रुक सका। उसने अपना लंड निकाला – 8 इंच का मोटा, काला और सख्त। “ले रांड, पहले चूस!” उसने सुनीता के मुँह में ठूँस दिया। सुनीता घुटने लगी, “उम्म्म… ग्लक ग्लक… नहीं… उउउउ…” लेकिन अमित ने उसके सिर को पकड़ कर जोर से चोदा, “चूस साली कुत्तिया! तेरे बेटे ने हमें डाँट खिलाई, अब तू भुगत।” रोहन ने उसे डॉगी स्टाइल में किया, उसकी गांड को थप्पड़ मारे, “फट फट फट… क्या मोटी गांड है!” फिर अपना लंड उसकी गांड में घुसाया। सुनीता चीखी, “आआआअ… फट रही है… उउउउ… हरामी मदरचोद!” रोहन जोर-जोर से धक्के मारने लगा, “थप थप थप… ले साली, चुद मादरचोद! अब कभी शिकायत करेगी?”

विक्की ने उसे गोद में बिठाया, लंड चूत में घुसाया। “उफ्फ्फ… कितनी टाइट है रांड!” वो ऊपर-नीचे करने लगा, सुनीता के मम्मे उछल रहे थे। “आआह्ह्ह… धीरे… ओओओह्ह्ह… फाड़ दी…” सूरज ने मुँह में अपना लंड डाला, “चूस कुत्ती! डबल पेनेट्रेशन ले।” सुनीता की आवाजें: “उम्म्म… आह्ह्ह… फक मी… नहीं… आआआ…” वे सेक्सिस्ट गालियाँ दे रहे थे, “साली विधवा, चुदाई की भूखी है। तेरे जैसे नीची औरतों को रोज चोदना चाहिए।”

करण ने मिशनरी में लिया, जोरदार धक्के मारे। “फच फच फच… तेरी चूत फाड़ूँगा!” सुनीता कराह रही थी, “ओओओह्ह्ह… गोद… इट हर्ट्स… आआआ… कम ऑन यू बस्टर्ड!” वे बारी-बारी चोदते रहे, गांड, चूत, मुँह सबमें। आखिर में सबने अपना माल उसके मुँह, चूत, गांड पर गिराया। “अब चुप रहना वरना तेरे बेटे को मार देंगे और तुझे रोज चोदेंगे। पुलिस बताई तो जान से मार देंगे।” सुनीता रोती रही, लेकिन डर से चुप हो गई। बुलीज चले गए, राहुल अभी बेहोश पड़ा था।

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