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Vidhwa Maa Ko Behosh Karke Choda | Maa Beta Sex Story

रेखा की उम्र जब सिर्फ १७ साल की थी, तब उसकी शादी हो गई थी। गांव की लड़की थी वो, सुंदर, गोरी-चिट्टी, बड़े-बड़े स्तनों वाली, पतली कमर और गोल-मटोल गांड वाली। शादी के अगले साल ही, १८ की उम्र में, उसने अपने बेटे राहुल को जन्म दिया। राहुल का पिता, राजेश, सेना में नौकरी करता था। वो घर से दूर रहता, कभी-कभी छुट्टी पर आता। रेखा घर संभालती, राहुल को पालती-पोसती। लेकिन जैसे-जैसे राहुल बड़ा हुआ, उसके मन में अपनी माँ के लिए गंदे विचार आने लगे। वो १२ साल का था जब पहली बार उसने माँ को नहाते हुए देखा। बाथरूम की दरार से झांककर, रेखा की नंगी बॉडी – पानी से भीगे हुए बड़े-बड़े स्तन, गुलाबी निप्पल्स जो हल्के से कांप रहे थे, और नीचे की ट्रिम्ड चूत, जो पानी की धार से चमक रही थी। राहुल का छोटा-सा लंड खड़ा हो गया। “उफ्फ… माँ… कितनी सेक्सी हो तुम,” वो मन ही मन सोचता। लेकिन पिता घर पर थे, तो वो कुछ कर नहीं पाता। बस रात को बिस्तर पर लेटकर मुठ मारता, “आह्ह… माँ… रेखा माँ… चोदना चाहता हूँ तुम्हें… उफ्फ…” वो कराहते हुए झड़ता, स्पर्म अपनी चड्ढी में फैला लेता।

समय बीता। राहुल १५ का हुआ। अब वो ज्यादा बोल्ड हो गया। माँ जब झाड़ू लगाती, झुककर फर्श साफ करती, उसके स्तन लटकते हुए दिखते – ब्रा के अंदर से दबे हुए, लेकिन क्लीवेज साफ नजर आता। राहुल चुपके से घूरता, अपना हाथ पैंट में डालकर लंड सहलाता। “ओह्ह… माँ के बूब्स… कितने बड़े… दबाना चाहता हूँ… चूसना चाहता हूँ…” एक दिन, “गलती से” वो माँ से टकराया, उसका हाथ सीधा रेखा के स्तनों पर लगा। “सॉरी माँ,” वो बोला, लेकिन अंदर से खुश था। रेखा ने कुछ नहीं कहा, सोचा बच्चा है। लेकिन राहुल अब रात को माँ के सोने के बाद उसके कमरे में जाता। वो सोती हुई होती, साड़ी ऊपर सरक गई होती। राहुल धीरे से उसकी गांड पर हाथ फेरता, “उफ्फ… कितनी मुलायम… माँ की गांड… चोदूंगा एक दिन…” वो उंगली से छूता, हल्का दबाता, फिर भाग जाता। माँ नींद में करवट बदलती, लेकिन जागती नहीं।

फिर वो दिन आया जब खबर आई – राजेश शहीद हो गए। सेना में दुश्मन की गोली से मौत। रेखा रोई, लेकिन जीवन चलता रहा। अब घर में सिर्फ माँ-बेटा। राहुल अब १८ का जवान लड़का था – लंबा, गोरा, मस्कुलर। और रेखा? अभी भी सिर्फ ३६ की – जवान, सेक्सी, बॉडी टाइट। जिम जाती नहीं थी, लेकिन घर के काम से फिट रहती। उसके स्तन अब भी उभरे हुए, ३६डी साइज के, गांड गोल और ऊपर उठी हुई। राहुल ने सोचा, अब मौका है। वो अब खुलकर माँ को घूरता। रसोई में जब रेखा चाय बनाती, वो पीछे खड़ा होकर उसके क्लीवेज में झांकता। “माँ, तुम कितनी हॉट हो… पापा नहीं हैं अब, मैं संभालूंगा तुम्हें…” वो मन में सोचता।

राहुल अब चुपके से माँ की न्यूड पिक्स लेने लगा। बाथरूम में छेद से फोन डालकर रिकॉर्ड करता – रेखा साबुन लगाती, अपने स्तनों पर हाथ फेरती, “चट्ट… चट्ट…” साबुन की आवाज। उसके निप्पल्स हार्ड हो जाते, पानी की धार से। नीचे चूत पर साबुन मलती, उंगली से साफ करती। राहुल वीडियो देखकर मुठ मारता, “आह्ह… माँ… रंडी… तेरी चूत में लंड डालूंगा… उफ्फ… झड़ रहा हूँ…” स्पर्म फव्वारे की तरह निकलता। सफाई करते वक्त, रेखा झुकती, उसके स्तन लटकते – ब्रा से बाहर झांकते। राहुल क्लिक करता, “क्लिक… क्लिक…” पिक्स लेता।

एक दिन, राहुल ने वो पिक्स अपने दोस्तों को दिखाई। “देखो भाई, मेरी माँ कितनी माल है! रेखा आंटी को चोदना है?” दोस्त हंसते, “वाह रे, तेरी माँ तो रंडी लगती है! बूब्स देख… उफ्फ…” सब मिलकर ग्रुप मुठ मारते। कमरे में बैठकर, पैंट नीचे, लंड बाहर। “आह्ह… रेखा आंटी… चोदो हमें… उफ्फ… तेरी चूत… गांड…” एक दोस्त बोला, “मैं तो तेरी माँ की गांड मारूंगा… थप्प… थप्प…” सब कराहते, “ओह्ह… कमिंग… रेखा रंडी… आह्ह्ह…” स्पर्म फर्श पर गिरता। राहुल सबसे ज्यादा जोर से झड़ता, “माँ… मेरी माँ… तेरे लिए…” वो इंसेस्ट पॉर्न देखता – मदर-सन वीडियोज, जहां बेटा माँ को ब्लैकमेल करता, फेवर के बदले चोदता। इंसेस्ट मीम्स शेयर करता, कम ट्रिब्यूट्स जहां माँ की पिक पर स्पर्म गिराते। “हाँ, ऐसी ही मेरी माँ… रंडी बनाऊंगा…”

राहुल का सब्र अब टूट रहा था। एक शाम, रसोई में रेखा झुकी हुई सब्जी काट रही थी। उसकी साड़ी ऊपर सरक गई, गांड का शेप साफ दिख रहा। राहुल पीछे से आया, उसे जोर से पकड़ लिया। उसका खड़ा लंड सीधा माँ की गांड पर लगा। “माँ… आई लव यू… तुम्हें चोदना चाहता हूँ…” वो हम्पिंग शुरू कर दिया – धक्के मारते हुए, लंड रगड़ते। “उफ्फ… माँ… कितनी गर्म गांड… थप्प… थप्प…” कपड़ों के ऊपर से रगड़ता, जोर-जोर से। रेखा चौंक गई, “क्या कर रहा है तू? छोड़ मुझे!” वो छिटककर मुड़ी, और जोरदार थप्पड़ मारा – “पटाक!” राहुल का गाल लाल हो गया। “हरामी! मैं तेरी माँ हूँ, गंदे विचार मत ला!” रेखा चिल्लाई, आंसू आ गए। राहुल रोने लगा, घुटनों पर गिर गया। “सॉरी माँ… कंट्रोल नहीं हुआ… मैं पागल हो गया हूँ… माफ कर दो…” वो माफी मांगता रहा। रेखा का दिल पिघल गया, “ठीक है बेटा, लेकिन दोबारा मत करना। तू अभी बच्चा है।” उसने गले लगा लिया, लेकिन राहुल के मन में बदला था। “रंडी, तुझे तो चोदकर ही रहूंगा…”

कुछ दिन बाद, राहुल ने प्लान बनाया। शाम को बोला, “माँ, आज मैं चाय बनाता हूँ तुम्हारे लिए।” रेखा खुश हुई, “अच्छा बेटा, बना दे।” राहुल ने चाय बनाई, और उसमें नींद की गोलियां मिला दीं – जो दोस्त से ली थीं। “पी लो माँ,” वो मुस्कुराकर दिया। रेखा ने पी ली, “वाह, अच्छी बनी है।” थोड़ी देर में वो सुस्त हो गई, “मुझे नींद आ रही है…” वो सोफे पर लेट गई, और बेहोश। राहुल मुस्कुराया, “अब तू मेरी है, रंडी माँ… तेरी चूत फाड़ूंगा आज…”

वो माँ को उठाकर बेडरूम में ले गया। बेड पर लिटाया, साड़ी उतारनी शुरू की। पहले ब्लाउज के बटन खोले – “क्लिक… क्लिक…” अंदर ब्रा में दबे हुए बड़े स्तन। ब्रा उतारी, स्तन बाहर निकले – गोल, उभरे, निप्पल्स गुलाबी। “उफ्फ… माँ के बूब्स… कितने बड़े… ३६डी…” राहुल ने जोर से दबाए, “आह्ह… मुलायम… दबा रहा हूँ…” वो मसलने लगा, निप्पल्स को मुँह में लिया, चूसने लगा – “चट्ट… चट्ट… स्लर्प…” जोर-जोर से चूसता, काटता। “कट्ट… आह्ह… माँ… तेरे निप्पल्स हार्ड हो गए…” रेखा बेहोश थी, लेकिन बॉडी रिएक्ट कर रही – निप्पल्स खड़े, हल्की कराह निकली, “उम्म…” राहुल ने साड़ी पूरी उतार दी, पैंटी नीचे खींची। चूत नंगी – ट्रिम्ड, गुलाबी, हल्की गीली। “ओह्ह… माँ की चूत… कितनी टाइट… उंगली डालूं…” वो उंगली से छुआ, अंदर डाली – “फच्च… फच्च…” उंगली चोदने लगा। “आह्ह… गर्म है… रंडी… तेरी चूत में लंड जाएगा…”

राहुल ने अपनी पैंट उतारी, ८ इंच का मोटा लंड बाहर – नसें फूली हुईं, टॉप गीला। “देख माँ, तेरा बेटा तुझे चोदेगा… हरामी रंडी!” वो चूत पर लंड रगड़ा, “उफ्फ… गर्म… अब पेलता हूँ…” जोर से धक्का मारा – “फच्च्च!” लंड अंदर घुस गया, आधा। रेखा की बॉडी हिली, लेकिन वो बेहोश। “आह्ह्ह… कितनी टाइट… माँ की चूत… उफ्फ…” राहुल ने पूरा पेल दिया, “थप्प… थप्प…” धक्के मारने लगा। जोर-जोर से, स्पीड बढ़ाते। “ओह्ह… माँ… चोद रहा हूँ… तेरी चूत फाड़ रहा… रंडी… आह्ह… हरामी… तेरे बेटे का लंड ले… उफ्फ…” वो स्तनों को मसलता, चूसता, धक्के मारता। “थप्प… थप्प… फच्च… फच्च…” चोदने की आवाज गूंज रही। रेखा की बॉडी हिल रही, चूत गीली हो गई – बॉडी का रिएक्शन। “आह्ह… माँ… तेरी चूत चूस रही लंड… कमिंग… उफ्फ… झड़ रहा हूँ…” राहुल जोर से चिल्लाया, “आह्ह्ह्ह…” और चूत में स्पर्म भर दिया – गर्म, चिपचिपा, टपकता हुआ।

फिर वो उठा, फोन निकाला, वीडियो ऑन किया। “देखो, मेरी माँ को चोदा… रेखा रंडी… चूत से स्पर्म निकल रहा…” वो क्लोजअप लिया – चूत से टपकता स्पर्म, नंगी बॉडी, लाल स्तन। “अब तू मेरी स्लेव है, माँ… ये वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करूंगा… रोज चोदूंगा… तेरी गांड भी मारूंगा…” वो हंसते हुए सोचा। अगले दिन रेखा उठी, बॉडी में दर्द, चूत में जलन। “क्या हुआ? नींद में गिर गई क्या?” वो सोची। राहुल मुस्कुराया, “कुछ नहीं माँ, अब सब ठीक होगा…” लेकिन अंदर से जानता था, अब शुरूआत है। ब्लैकमेल का खेल, और ज्यादा हार्डकोर चुदाई। रेखा अनजान थी, लेकिन राहुल का प्लान तैयार था – माँ को अपनी रंडी बनाना।

This Post Has 5 Comments

  1. Vikas kushwaha

    Hii koi mujhe bhi ma ko chodne k tips btao

  2. Vikas kushwaha

    Hii koi mujhe bhi ma ko chodne k tips btao

    1. Anonymous

      Simran ji apni chut ka pani pilaogi ass licking krwa lo please

  3. Vikas kushwaha

    Koi ma mujhe apni chut chatwa do gand chatwa do piss pila do 9826659645 m.p se hu

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